डॉ. चम्पालाल गुप्त रचित • सचित्र • सप्ताह-पारायण-विधि
सरल भाषा में सम्पूर्ण श्रीमद्भागवत कथा सार
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हर पहलू में श्रेष्ठ — हर शब्द में भक्ति
कलियुग में भक्ति, शांति और आत्मिक उन्नति का सबसे सरल मार्ग श्रीमद्भागवत का श्रवण एवं पठन माना गया है।
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यह पुस्तक श्रीमद्भागवत का सरल, संक्षिप्त एवं सुबोध कथा-सार है। सप्ताह-पारायण विधि पर आधारित — मात्र 7 दिनों में सम्पूर्ण पारायण।
उत्तम आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों सहित मुद्रित। प्रीमियम हार्डकवर — वर्षों तक सुरक्षित।
प्रकाशक: ऋद्धि-सिद्धि भवन, 6-ए-1, जवाहरनगर, श्रीगंगानगर
पहले 18 पृष्ठ निःशुल्क पढ़ें
18,000 श्लोक • 12 स्कन्ध • 335 अध्याय — भारतीय वाङ्मय का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ
सरल भाषा में इतनी सुंदर भागवत पहले कभी नहीं पढ़ी। हर शब्द हृदय को छू जाता है। पूरे परिवार ने पढ़ी।
7 दिन में पूरी कथा हो गई। बच्चे भी बड़े ध्यान से सुनते हैं। अद्भुत पुस्तक!
इतने सरल तरीके से भागवत समझना संभव होगा, यह कभी नहीं सोचा था। डॉ. गुप्त जी का अनुपम प्रयास।
मंदिर में भी बाँटी। सभी भक्तों ने प्रशंसा की। उपहार के लिए सर्वश्रेष्ठ पुस्तक है।
बुजुर्ग माता-पिता के लिए वरदान है। अब वे स्वयं पढ़ते हैं — बहुत प्रसन्न हैं।
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रचनाकार: डॉ. चम्पालाल गुप्त, एम.ए., पी-एच.डी.
प्रकाशक: ऋद्धि-सिद्धि भवन, 6-A-1, जवाहरनगर, श्रीगंगानगर (राज.) 335001
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